प्रयागराज में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन (प्रबुद्ध महाकुंभ) के दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संबोधन के बीच सवाल पूछने को लेकर हुए विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक रुप ले लिया है। कार्यक्रम में रोहित तिवारी के साथ कथित मारपीट किए जाने के आरोपों के बाद विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस घटना को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से सार्वजनिक रुप से माफी मांगने की मांग भी उठने लगी है।

आरोप है कि सम्मेलन के दौरान जब रोहित तिवारी ने उपमुख्यमंत्री के संबोधन के बीच सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि रोहित तिवारी की ओर से उठाए गए सवाल सवर्ण समाज की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और उसकी अपेक्षाओं से जुड़े थे। इस समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान और आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों को मिलने वाली सुविधाओं जैसे मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। सवाल उठाने वाले व्यक्ति के साथ कथित दुर्व्यवहार ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है।

घटना को लेकर नाराजगी जताने वाले लोगों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक सम्मेलन में नागरिकों को अपनी बात रखने और जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने का हक है। यदि किसी व्यक्ति ने अपनी पीड़ा या समाज से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा है तो उसका जवाब संवाद के माध्यम से दिया जाना चाहिए, न कि कथित मारपीट के जरिए। इसी आधार पर केशव प्रसाद मौर्य से पूरे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने और रोहित तिवारी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर सार्वजनिक रुप से माफी मांगने की मांग की जा रही है।

गौरतलब है कि एक नवंबर को प्रयागराज के परेड मैदान में राष्ट्रीय परशुराम सेना (ब्रह्मवाहिनी) की ओर से प्रबुद्ध महाकुंभ का आयोजन किया गया था। इसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए थे। सम्मेलन में संगठन की ओर से सवर्ण आयोग, संस्कृत सेवा आयोग के गठन, ब्राह्मण आइडेंटिटी प्रोटेक्शन एक्ट बनाने, शहीद चंद्रशेखर आजाद को भारत रत्न देने तथा ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की प्रक्रिया सरल करने सहित पांच मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था। उपमुख्यमंत्री ने इन मांगों को उचित मंच पर रखने और विचार कराने का आश्वासन दिया था।फिलहाल रोहित तिवारी के साथ कथित मारपीट का मामला कई सवाल खड़े कर रहा है।
