प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और आधुनिक सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को जिले के मुंगराबादशाहपुर स्थित सार्वजनिक इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3,650 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से जौनपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में सड़क कनेक्टिविटी, व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण और विकास कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। सड़क नेटवर्क के मजबूत होने से प्रदेश की तस्वीर बदल रही है और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त रुख अपनाते हुए गडकरी ने ठेकेदारों को चेतावनी दी कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मानकों के विपरीत काम करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

राजनीतिक रुप से केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने रायबरेली और अमेठी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में पिछले दस वर्षों के दौरान जितने विकास कार्य हुए हैं, उतने कांग्रेस अपने लगभग 60 वर्षों के शासनकाल में नहीं करा सकी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान केंद्र और प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।परियोजनाओं में मछलीशहर-जंघई-दुर्गागंज-भदोही मार्ग का निर्माण क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस मार्ग के विकसित होने से मछलीशहर से भदोही तक पहुंचने में लगने वाला डेढ़ से दो घंटे का समय घटकर लगभग 40 से 45 मिनट रह जाएगा। इससे यात्रियों के साथ व्यापारियों और क्षेत्रीय कारोबारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।मुंगराबादशाहपुर बाईपास का निर्माण कस्बे के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरा होने से बाजार और प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा। प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के साथ महाकुंभ और माघ मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी।

वहीं, मड़ियाहूं रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण से रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार और अलापुर में चार लेन बाईपास तथा सई नदी पर पुल निर्माण की योजनाएं भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जौनपुर शहर में लता मंगेशकर तिराहे से प्रसाद इंस्टीट्यूट तक सड़क चौड़ीकरण और रायबरेली-प्रयागराज मार्ग के विकास से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का लक्ष्य है। इन कार्यों से जौनपुर, भदोही, प्रयागराज और रायबरेली सहित आसपास के जिलों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। कृषि उत्पादों की ढुलाई, व्यापारिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान होने की संभावना है।

कुल मिलाकर 3,650 करोड़ रुपये से अधिक की आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं जौनपुर और आसपास के जिलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री का गुणवत्ता से समझौता न करने का संदेश भी इस कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री गिरीश चंद्र यादव, लोक निर्माण विभाग मंत्री बृजेश सिंह, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, पूर्व सांसद डॉ. अजय सिंह, विधायकगण तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
