पुराने लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र स्थित नौबस्ता-ब्राह्मणी टोला में हुए बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। हत्याकांड के आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर और विवादित स्थल की पैमाइश के लिए शुक्रवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अत्याधुनिक ETS मशीन के जरिए सर्वे शुरु किया। इस दौरान नजूल भूमि की पैमाइश और निर्माण की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। मौके पर पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

आरोपी के घर पर एलडीए की टीम के पहुंचने के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। टीम आधुनिक सर्वे उपकरण ETS मशीन की मदद से जमीन और निर्माण की नापजोख कर रही है। बताया जा रहा है कि विवादित स्थल पर नजूल भूमि की स्थिति और निर्माण की वैधता की जांच की जा रही है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।गौरतलब है कि हत्याकांड के बाद आरोपी के मकान पर हुई कार्रवाई को लेकर पीड़ित परिवार ने असंतोष जताया था। परिजनों का आरोप था कि पूरे अवैध निर्माण को हटाने के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर फोटो खिंचवाते हैं और चले जाते हैं, जबकि वास्तविक कार्रवाई अधूरी रह जाती है। अब एलडीए की टीम द्वारा मशीन से कराई जा रही पैमाइश को इसी मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इधर, हत्याकांड वाले दिन के नए लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इसी बीच पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद भी घटनास्थल पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।उल्लेखनीय है कि पुराने लखनऊ के नौबस्ता इलाके में चबूतरे और रास्ते से जुड़े विवाद ने 26 अक्टूबर को हिंसक रुप ले लिया था। इस घटना में शिवा, उसके भाई शंभू और बेटे सुयश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद आरोपी ऋषभ शुक्ला को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

फिलहाल एक ओर पुलिस हत्याकांड से जुड़े साक्ष्यों और वायरल वीडियो के आधार पर जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर एलडीए की पैमाइश से आरोपी के मकान और विवादित भूमि की वैधता का मामला भी प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। अब सर्वे रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
