संविदा और आउटसोर्सिंग पर कार्यरत महिला एएनएम स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के राजभवन कॉलोनी स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने महिलाओं को वहां से हटाकर ईको गार्डन भेज दिया।

प्रदर्शनकारी महिला स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, वे पिछले छह दिनों से लखनऊ में लगातार आंदोलन कर रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महिलाओं का कहना है कि वे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को पहले भी कई बार ज्ञापन सौंप चुकी हैं, इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शन कर रहीं एएनएम कर्मियों ने सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन देने और गृह जनपद में तैनाती की मांग उठाई। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने तथा कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में नियमित अंशदान सुनिश्चित करने की मांग भी की।

महिला स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रही हैं, लेकिन उन्हें नौकरी की स्थिरता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की।प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगी। उन्होंने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने का राजनीतिक परिणाम सरकार को भुगतना पड़ सकता है।

फिलहाल महिला एएनएम कर्मियों की मांगों और आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि लंबे समय से आंदोलन कर रही इन स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर सरकार क्या कदम उठाती है।
