ब्लॉक मुख्यालय पर शुक्रवार को स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव के दौरान उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब पश्चिमी प्रवेश द्वार बंद किए जाने को लेकर केराकत विधायक एवं सपा के पूर्व सांसद तूफानी सरोज और एमएलसी प्रत्याशी लाल बिहारी यादव की पुलिस प्रशासन से तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेताओं ने इस मामले की शिकायत फोन के माध्यम से जिलाधिकारी से की। वहीं, मतदाता सूची में गड़बड़ी के चलते कई मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा और कुछ लोग मतदान से वंचित रह गए।

शुक्रवार सुबह मतदान की शुरुआत धीमी रही, लेकिन दोपहर बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ने लगी। शाम चार बजे तक स्नातक निर्वाचन में 39.89 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन में 70.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। चुनाव में मतदान करने पहुंचे पिंडरा विकास खंड के करखियाव निवासी विधायक तूफानी सरोज और एमएलसी प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने पश्चिमी प्रवेश द्वार बंद किए जाने पर आपत्ति जताई। विधायक तूफानी सरोज ने कहा कि पिछले कई वर्षों से मतदाता पश्चिमी द्वार से प्रवेश कर मतदान करते रहे हैं, लेकिन इस बार रास्ता बंद होने से लोगों को करीब एक किलोमीटर घूमकर मतदान केंद्र तक पहुंचना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के शिविर भी इसी ओर बगीचे में लगाए गए थे।

इस संबंध में इंस्पेक्टर फूलपुर अजय राज वर्मा ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार दक्षिण ओर है। पश्चिमी द्वार से आने वाला रास्ता अब निजी आराजी से होकर गुजरता है। ऐसे में निजी भूमि का इस्तेमाल रास्ते के रुप में किस आधार पर किया जा सकता है, यह भी विचारणीय है। मतदान के दौरान मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, भाजपा नेता रविशंकर सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह और काशी क्षेत्र के एनजीओ प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विपिन पाठक सहित कई नेता मतदान के बाद शिविरों में पहुंचे। वहां वे कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करते नजर आए।

मतदान के लिए शिक्षक एमएलसी निर्वाचन में एक बूथ और स्नातक एमएलसी निर्वाचन में छह बूथ बनाए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी एसीपी प्रशांत सिंह, मतदान केंद्र प्रभारी एवं क्राइम ब्रांच प्रभारी विमल वैगरा, इंस्पेक्टर फूलपुर अजय राज वर्मा, बीडीओ प्रतिभा मिश्रा समेत अन्य अधिकारी करते रहे।चुनाव के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला भी सामने आया। पिंडरा ब्लॉक के मतदाताओं के नाम बड़ागांव ब्लॉक की सूची में और बड़ागांव के मतदाताओं के नाम पिंडरा ब्लॉक की सूची में दर्ज होने से लोगों को काफी भागदौड़ करनी पड़ी। इस अव्यवस्था के चलते मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में असमंजस की स्थिति बनी रही।

बड़ागांव ब्लॉक के मलहथ निवासी अशोक पाल का नाम पिंडरा ब्लॉक की मतदाता सूची में दर्ज था, जबकि उनकी पत्नी का नाम बड़ागांव ब्लॉक में। इसके चलते दंपती को मतदान के लिए करीब 40 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा। पहले पत्नी ने अपने निर्धारित केंद्र पर मतदान किया, फिर अशोक पाल ने पिंडरा पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसी तरह मंगारी निवासी राजेश गुप्ता का नाम चोलापुर ब्लॉक की सूची में, जबकि उनके पुत्र विशाल का नाम हरहुआ ब्लॉक की सूची में दर्ज था। इसके कारण दोनों को अलग-अलग स्थानों पर मतदान करना पड़ा। वहीं, कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिलने के कारण उन्हें बिना मतदान किए ही वापस लौटना पड़ा।
एमएलसी चुनाव के दौरान एक ओर मतदान प्रतिशत को लेकर राजनीतिक दलों में सक्रियता दिखी, तो दूसरी ओर प्रवेश द्वार बंद होने और मतदाता सूची की विसंगतियों ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
