प्रदेश में उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) के लंबित लाभांश भुगतान को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जून से अगस्त 2026 तक के लंबित लाभांश बिल तीन दिनों के भीतर तैयार कर भुगतान के लिए संबंधित एसआरएओ कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें।

जारी निर्देश में अपर आयुक्त ने कहा कि उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान सामने आया है कि कुछ जनपदों में उचित दर विक्रेताओं के देय लाभांश से संबंधित बिल तैयार कर भुगतान के लिए संबंधित कार्यालयों को नहीं भेजे गए हैं। शासन ने इस स्थिति को अत्यंत खेदजनक बताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में लंबित बिलों को भेजने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कोटेदार के लाभांश भुगतान का बिल पूर्ति निरीक्षक स्तर पर लंबित पाया जाता है, तो संबंधित पूर्ति निरीक्षक के वेतन आहरण पर रोक लगा दी जाएगी।

वहीं, यदि बिल जिला स्तर पर लंबित रहने की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिला पूर्ति अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश की प्रतिलिपि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, संबंधित संयुक्त आयुक्तों एवं उपायुक्तों सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। शासन के इस सख्त निर्देश से लंबे समय से लाभांश भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे कोटेदारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। अब संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर लंबित बिलों को भुगतान के लिए भेजना होगा। इससे भुगतान प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, कोटेदारों के खातों में वास्तविक भुगतान कब तक पहुंचेगा, यह संबंधित कार्यालयों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
