PET-2026: जौनपुर में 87,696 अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा, 32 केंद्रों पर कड़ा पहरा! 25-30 अक्टूबर व 1 नवंबर को होगी परीक्षा, दोनों पालियों में अभ्यर्थियों को देना होगा इम्तिहान

नकल पर नकेल कसने की तैयारी, केंद्रों पर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 22, 2026 5:39 am
PET-2026: जौनपुर में 87,696 अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा, 32 केंद्रों पर कड़ा पहरा! 25-30 अक्टूबर व 1 नवंबर को होगी परीक्षा, दोनों पालियों में अभ्यर्थियों को देना होगा इम्तिहान
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सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा PET-2026 को लेकर जौनपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जनपद में 87,696 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना के बीच परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके मद्देनजर जिले में 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, ताकि परीक्षा व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और शासन के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।जिलाधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 का आयोजन 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को किया जाएगा। प्रत्येक निर्धारित दिन परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न तीन बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और समय से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर रोक रहेगी। प्रशासन ने अधिकारियों को परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों और निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराने को कहा है। परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन का जोर इस बात पर है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले।

दूरदराज के क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अधिकारी को शेल्टर होम क्रियाशील रखने और वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। होटल संचालकों से भी अपील की गई कि वे परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को उचित सुविधाएं न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। डीएम ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचने और परीक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह सहित केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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