मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दो प्रतीकात्मक पुतले भी फूंके।

पुतला दहन को रोकने के लिए पुलिस ने प्रयास किया, जिसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामे और नारेबाजी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर पहुंचे। सपा नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोटों से जुड़े विवादों का मुद्दा उठाते हुए निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। नेताओं का कहना था कि मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

धरना को संबोधित करते हुए सपा विधायक रागिनी सोनकर ने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और उसके मताधिकार के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और वोटों से जुड़े उठ रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग से स्पष्ट जवाब की मांग की।उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान संवैधानिक संस्थाओं को स्पष्ट तरीके से करना चाहिए। विधायक ने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने का आह्वान किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं से पुतले लेने का प्रयास किया। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी तेज कर दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक पुतला दहन किया, जिससे कुछ देर के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में अफरातफरी की स्थिति रही।

सपा नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। जौनपुर में हुआ यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब देश के विभिन्न हिस्सों में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में अयोध्या, वाराणसी और अन्य स्थानों पर भी सपा कार्यकर्ताओं द्वारा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और प्रतीकात्मक पुतला दहन की खबरें सामने आई हैं।
