चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी से मिलने कवयित्री अनामिका अंबर जिला जेल पहुंचीं। मुलाकात के बाद उन्होंने एक अहम ऐलान करते हुए मुस्कान की दोनों बेटियों की पढ़ाई का पूरा खर्च आजीवन उठाने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि वह और उनके पति सौरभ सुमन बच्चियों की शिक्षा में आर्थिक बाधा नहीं आने देंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेंगे।

अनामिका अंबर के इस ऐलान ने मामले को एक नए सामाजिक और मानवीय विमर्श से जोड़ दिया है। उनका कहना है कि मुस्कान ने जो अपराध किया है, उसके लिए उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी ही चाहिए। लेकिन, उसकी बेटियों को अपनी मां के अपराध की सजा नहीं मिलनी चाहिए। बच्चियों का भविष्य सुरक्षित करना समाज की भी जिम्मेदारी है।जिला जेल में मुस्कान से मुलाकात के बाद अनामिका अंबर ने स्पष्ट किया कि उनका कदम किसी भी तरह से मुस्कान के अपराध का समर्थन नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपराध और अपराधी की सजा के सवाल पर अपनी जगह स्पष्ट हैं, लेकिन दो मासूम बच्चियों के भविष्य को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने इच्छा जताई कि बच्चियों के भविष्य और उनके आत्मनिर्भर होने तक मुस्कान को फांसी न दी जाए। उनके मुताबिक, यह मांग अपराध को उचित ठहराने के लिए नहीं, बल्कि उन बच्चों के हितों को ध्यान में रखकर की जा रही है, जिनका इस अपराध में कोई दोष नहीं है। अनामिका अंबर ने अपने पति सौरभ सुमन के साथ मिलकर मुस्कान की दोनों बेटियों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। उनका कहना है कि बच्चियों को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे आगे चलकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

नीला ड्रम हत्याकांड ने पहले ही पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। अब मुस्कान की बेटियों की शिक्षा और भविष्य को लेकर अनामिका अंबर की पहल ने एक नई चर्चा शुरु कर दी है। उनका संदेश साफ है कि किसी व्यक्ति के अपराध के लिए उसके बच्चों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्हें भी शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य पाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
