मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महिला थाना पुलिस ने खुटहन क्षेत्र के तिघरा गांव स्थित सायनाथ पाल इंटर कॉलेज में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्राओं को महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों और आत्मरक्षा के प्रति जागरुक किया। महिला थाना प्रभारी श्यामा तिवारी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने के व्यवहारिक तरीके बताए।

कार्यक्रम के दौरान महिला थाना प्रभारी ने कहा कि छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, पीछा करने, धमकी देने अथवा असुरक्षित महसूस होने की स्थिति में डरने या चुप रहने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से पुलिस प्रभावी कार्रवाई कर सकती है। महिला थाना पुलिस टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के कई महत्वपूर्ण तरीके लाइव डेमो के माध्यम से समझाए। छात्राओं को बताया गया कि संकट की स्थिति में अपनी सुरक्षा के लिए आसपास के लोगों से मदद लेने के साथ-साथ तत्काल पुलिस सहायता भी ली जा सकती है।

महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों से सावधान रहने और किसी भी परेशानी को अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया। जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि जरुरत पड़ने पर 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 102 व 108 स्वास्थ्य सेवा, 1090 वूमेन पावर लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन तथा 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। थाना प्रभारी ने छात्राओं से कहा कि ये हेल्पलाइन नंबर उनकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए।

थाना प्रभारी श्यामा तिवारी के साथ महिला आरक्षी सुमन यादव, प्रतिमा यादव और मोना ने छात्राओं से संवाद किया। छात्राओं ने महिला पुलिसकर्मियों से सुरक्षा और आत्मरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका टीम ने सहजता से जवाब दिया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कॉलेज प्रशासन ने मिशन शक्ति के तहत महिला थाना पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरुकता अभियान की सराहना की।पुलिस टीम ने छात्राओं को संदेश दिया कि सजगता, आत्मविश्वास और समय पर सूचना देना ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
