रबी अभियान 2026-27 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को किसानों की जरुरतों के अनुरुप सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि रबी की बुवाई शुरु होने से पहले ही किसानों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक और कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि खेती-किसानी के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र का विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। रबी सीजन की तैयारियां समय से पूरी होने पर फसलों के अच्छादन, उत्पादन और उत्पादकता के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। बैठक में धान खरीद की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में किसानों की सुविधा के लिए कुल 161 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ उठाएं। खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या, अनियमितता या शिकायत सामने आने पर किसान बिना किसी संकोच के प्रशासन को अवगत कराएं। अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान खरीद प्रक्रिया में किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए।

सिंचाई व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने जिले के तीनों सिंचाई खंडों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की मांग के अनुरुप शत-प्रतिशत पानी उपलब्ध कराया जाए। नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य समय से पूरा कराया जाए, जिससे रबी की फसलों की सिंचाई प्रभावित न हो। उन्होंने विशेष रुप से नहरों के अंतिम छोर यानी टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने से पात्र किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस कार्य में तेजी लाने के साथ किसानों को आवश्यक जानकारी और सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए।

फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने चक्रवात के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, वे अपनी शिकायत और नुकसान की जानकारी प्रशासन को दें, ताकि बीमा कंपनी के माध्यम से नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की कार्रवाई की जा सके। मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि बीज एवं उर्वरक की दुकानों की नियमित निगरानी की जाए। किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं प्रमाणित बीज, उर्वरक और कृषि रक्षा रसायन निर्धारित मानकों के अनुरुप समय से उपलब्ध कराए जाएं। किसी भी स्तर पर किसानों को घटिया या अमानक कृषि सामग्री मिलने की शिकायत नहीं आनी चाहिए। बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा, भूमि संरक्षण अधिकारी कमलजीत सिंह, उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. रमेश चंद्र यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं किसान उपस्थित रहे।
