तेलंगाना के खम्मम जिले में मछुआरों को बचाने के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन उस समय बड़े हादसे में बदल गया, जब बचाव कार्य में जुटी SDRF की दो नावें अचानक पलट गईं। इस दुर्घटना में SDRF और दमकल विभाग के करीब 10 कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। लापता जवानों की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों को भी लगाया गया है।हादसा खम्मम जिले के सथुपल्ली मंडल स्थित बेथुपल्ली झील में हुआ। उस समय क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ के कारण झील का जलस्तर बढ़ा हुआ था तथा पानी का बहाव काफी तेज था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेथुपल्ली झील में मछली पकड़ने गए कुछ मछुआरे अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण बीच झील में फंस गए थे। उनकी सूचना मिलने पर प्रशासन ने बचाव अभियान शुरु कराया। शुरुआत में दमकल विभाग के तीन कर्मचारी नाव के जरिए मछुआरों की मदद के लिए पहुंचे, लेकिन वे भी पानी के बीच फंस गए। इसके बाद कोठागुडेम से SDRF के जवानों और दमकल विभाग के अतिरिक्त कर्मचारियों को दो नावों के साथ बचाव अभियान में लगाया गया।बताया गया कि शुरुआती प्रयास में फंसे तीन दमकलकर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। इसके बाद जब बचाव दल दोबारा मछुआरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था, तभी तेज पानी के बहाव की चपेट में आकर दोनों नावें पलट गईं। इसके बाद करीब 10 बचावकर्मियों के लापता होने की सूचना सामने आई।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए NDRF की अतिरिक्त टीमें, गोताखोर और अन्य बचावकर्मी लगाए गए हैं। झील में पानी का तेज बहाव और प्रतिकूल मौसम बचाव अभियान में चुनौती बने हुए हैं।अधिकारियों की निगरानी में लापता कर्मचारियों का पता लगाने के प्रयास जारी है।तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने खम्मम के जिला कलेक्टर को लापता SDRF कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को भी बचाव अभियान की लगातार समीक्षा करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा है।

तेलंगाना सरकार के राजस्व, आवास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने भी हादसे पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिया कि घटनास्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण, नावें और अन्य संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने जिला प्रशासन को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर अभियान तेज करने को कहा। इस दुर्घटना ने पूरे राज्य में चिंता बढ़ा दी है। जिन जवानों पर दूसरों की जान बचाने की जिम्मेदारी थी, वही इस हादसे में लापता हो गए। फिलहाल सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता लापता कर्मचारियों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
