जिले में तैनात रहे सिपाही विशाल भारती पर एक नाबालिग लड़की की ओर से कुछ महीने पहले दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में सिपाही जेल भी गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी एफआईआर में फाइनल रिपोर्ट लगवाने के उद्देश्य से कथित तौर पर एक बुजुर्ग को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रच डाली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सिपाही समेत उसके तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, सिपाही विशाल भारती ने दो महिलाओं की मदद से नाबालिग पीड़िता के पिता को ही दुष्कर्म के मामले में फंसाने की योजना बनाई। इसके तहत बुजुर्ग के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। खुद को निर्दोष बताते हुए पीड़ित बुजुर्ग पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचा और अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोप लगाने वाली महिला की कॉल डिटेल की जांच कराई। जांच में सिपाही विशाल भारती और उसके एक दोस्त के मोबाइल नंबर सामने आए। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो सिपाही ने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पूछताछ में सिपाही ने बताया कि अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगवाने के उद्देश्य से उसने यह पूरा षड्यंत्र रचा था। इसमें उसके दोस्त निसार और निसार की पत्नी जोया ने सहयोग किया। वहीं, सकीना नाम की दूसरी महिला ने बुजुर्ग से निजी मुलाकात कर उनके खिलाफ दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा दर्ज कराने में भूमिका निभाई।

पुलिस ने सिपाही विशाल भारती, निसार, उसकी पत्नी जोया और सकीना को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, बुजुर्ग के खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
