उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। शाह के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में यूसीसी को एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बना दिया है।

अमित शाह ने कहा कि देश के कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है और उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की तीसरी सरकार बनने पर इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की जनता से भाजपा को पुनः सत्ता में लाने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी अपने संकल्पों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री ने सीएम योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने कठोर शासन के माध्यम से उत्तर प्रदेश को माफियाओं से मुक्त करने का काम किया है। उन्होंने भाजपा की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी अंगद का पैर है, जिसे कोई हिला नहीं सकता।

अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अभी से चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता कमर कस लें और अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखें। उनका लक्ष्य केवल उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनाना होना चाहिए। अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की स्थिति कमजोर थी और पार्टी के पास विधानसभा में केवल 44 विधायक थे। उस समय संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने तहसील स्तर तक जाकर कार्यकर्ताओं के साथ काम किया। उन्होंने दावा किया कि संगठन की मजबूती का परिणाम वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जब भाजपा ने उत्तर प्रदेश में करीब 41 प्रतिशत वोट हासिल कर 73 सीटें जीती थीं।

अमित शाह ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस चुनाव में भाजपा ने करीब 40 प्रतिशत मत हासिल किए और 312 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने इस दौरान नोटबंदी के फैसले का भी जिक्र किया। गृह मंत्री के इस संबोधन से स्पष्ट है कि भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यूसीसी, कानून-व्यवस्था और संगठनात्मक मजबूती को प्रमुख राजनीतिक मुद्दों के रुप में सामने रखना शुरु कर दिया है। अब देखना होगा कि यूसीसी को लेकर अमित शाह की इस घोषणा पर प्रदेश के अन्य राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है।
