राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भी नहीं बनी बात, अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को दिया झटका

INDIA गठबंधन में शामिल होने की उम्मीदों पर सपा प्रमुख का दो टूक जवाब, बोले- हमारे गठबंधन और सीटों की गिनती में शामिल नही

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 31, 2026 4:28 am
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भी नहीं बनी बात, अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को दिया झटका
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उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी INDIA गठबंधन की राजनीति में नया घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद विपक्षी गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद लगाए बैठे पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा झटका दिया है। अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी पार्टी के लिए उनके गठबंधन में फिलहाल कोई जगह नहीं है।

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने अखिलेश यादव से स्वामी प्रसाद मौर्य के INDIA गठबंधन में शामिल होने को लेकर सवाल किया। इस पर सपा प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनके गठबंधन में शामिल नहीं हो सकते और न ही उनकी सीटों की गणना में आते हैं। उन्होंने सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्यों आप लोग बेवजह बहस छेड़ते हैं? इग्नोर करो, अवॉइड करो। साइलेंस इज गोल्ड।” दरअसल, स्वामी प्रसाद मौर्य ने अक्टूबर की शुरुआत में दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उनकी पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने और वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव गठबंधन के साथ लड़ने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

मौर्य की ओर से भी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की गई थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस के माध्यम से उन्हें विपक्षी गठबंधन में जगह मिल सकती है। अखिलेश यादव के ताजा बयान से अब स्वामी प्रसाद मौर्य की गठबंधन में एंट्री को लेकर राजनीतिक तस्वीर पेचीदा हो गई है। एक तरफ मौर्य कांग्रेस के साथ नजदीकी बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में गठबंधन के प्रमुख सहयोगी समाजवादी पार्टी के मुखिया ने उन्हें अपने गठबंधन से बाहर रखने का स्पष्ट संकेत दिया है। ऐसे में अब निगाहें कांग्रेस के अगले रुख पर टिकी हैं कि वह स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी को लेकर क्या निर्णय लेती है। फिलहाल अखिलेश यादव के बयान ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन के भीतर सहयोगी दलों के तालमेल को लेकर नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।

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