उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में एक मकान के अंदर जमीन में दबाकर रखे गए नीले ड्रमों से करोड़ों रुपये की नकदी मिलने का मामला सामने आया है। बुधवार देर शाम पुलिस की छापेमारी के दौरान जमीन की खुदाई कराई गई तो तीन ड्रमों में 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से इलाके में हलचल मच गई।

शुरुआती खबरों में देर रात तक करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपये की गिनती होने की बात सामने आई थी। वहीं, स्थानीय स्तर पर कुल रकम 60 करोड़ रुपये से अधिक होने की चर्चा है।उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, बरामद नकदी की वास्तविक मात्रा और उसके स्रोत की जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को बरईपुर रामनगर गांव के एक मकान में भारी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। मकान के अंदर जमीन की खुदाई कराए जाने पर तीन ड्रम बरामद हुए। इन्हें खोलने पर अंदर नोटों की गड्डियां मिलीं। नकदी की गिनती के लिए मशीनें मंगाई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अब बरामद रकम का सही आकलन करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और उसे जमीन के नीचे क्यों छिपाकर रखा गया था।

प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संबंधित परिवार के सदस्य पहले महाराष्ट्र के पुणे में काम करते थे। कुछ खबरों में नोटबंदी के दौरान एक फर्म से कथित तौर पर करोड़ों रुपये लेकर फरार होने की बात भी कही गई है। बताया जा रहा है कि गांव लौटने के बाद परिवार ने जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदी थीं। अब पुलिस नकदी के स्रोत, संपत्ति से जुड़े लेनदेन और संभावित आपराधिक संबंधों की पड़ताल कर रही है। खबरों में कहा गया है कि पड़ोसी या पट्टीदार से विवाद के बाद जमीन में नकदी दबाकर रखे जाने की जानकारी पुलिस तक पहुंची। इसके बाद कार्रवाई की गई। इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा कथित तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिलने को लेकर है। हालांकि, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में बरामद रकम का शुरुआती अनुमान चार से पांच करोड़ रुपये के बीच बताया गया है।

डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के हवाले से प्रकाशित खबरों के अनुसार, पूरी गिनती के बाद ही नकदी की कुल राशि स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस के सामने नकदी की वास्तविक मात्रा निर्धारित करने, उसके वैध स्रोत का पता लगाने और किसी संभावित आपराधिक गतिविधि से संबंध की जांच करने की चुनौती है। जांच पूरी होने के बाद ही इस बरामदगी से जुड़े अहम सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।
