खेतासराय में हमलावरों के हौसले बुलंद, एक महीने में कई लोगों पर हमले, पुलिस की कार्रवाई और रात्रि गश्त पर उठे सवाल

प्रधान, व्यापारी, राहगीर बन चुके हैं निशाना, जंगल व सुनसान रास्तों पर हमलों से दहशत! जनवरी में अभियान के बाद फिर बढ़ीं श

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 17, 2026 8:11 am
खेतासराय में हमलावरों के हौसले बुलंद, एक महीने में कई लोगों पर हमले, पुलिस की कार्रवाई और रात्रि गश्त पर उठे सवाल
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क्षेत्र में राहगीरों, कारोबारियों पर लगातार सामने आ रहे हमलों की घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले एक महीने के दौरान प्रधान से लेकर व्यापारियों और अन्य लोगों के साथ मारपीट की कई घटनाएं सामने आई हैं। शनिवार को नहर मार्ग पर एक युवक को घेरकर पीटे जाने का मामला सामने आने से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर सुनसान रास्तों और जंगल के आसपास हमलावरों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है?

लगातार घटनाओं के बावजूद यदि लोगों को रास्ते से गुजरते समय सुरक्षा की चिंता सता रही है, तो यह पुलिस के लिए गंभीर चुनौती है। सवाल केवल मुकदमा दर्ज करने का नहीं, बल्कि घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, आरोपितों की पहचान करने और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने का भी है। कोतवालिया कलापुर निवासी सलीम पुत्र चुन्नू ने पुलिस को दी। तहरीर में बताया कि शनिवार दोपहर करीब दो बजे उसका भाई मुस्तकीम गुरैनी से घर लौट रहा था। इसी दौरान नहर मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे चार युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने पहले गाली गलौज की और विरोध करने पर लाठी-डंडों तथा हाथ में पहने पंच से हमला कर दिया। मारपीट में मुस्तकीम को चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े तो आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

पीड़ित के भाई ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस के अनुसार, अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। फिलहाल खेतासराय थाना क्षेत्र में सामने आई अन्य घटनाएं भी स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। इनमें ग्राम प्रधान से लेकर व्यापारियों तक पर हमले की शिकायतें शामिल हैं। रुधौली गांव के प्रधान राजेश गुप्ता के अनुसार, वह रात में अपने घर से खेतासराय स्थित दुकान पर सोने जा रहे थे। इसी दौरान सफीपुर जंगल के पास दो-तीन नकाबपोश लोगों ने हॉकी और डंडों से हमला कर दिया। उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। बाद में उन्होंने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।कनवरिया मोड़ के पास अपनी मिल पर सो रहे व्यापारी विनोद विश्वकर्मा पर भी नकाबपोश हमलावरों द्वारा हमला किए जाने की घटना सामने आई थी। शोर मचाने पर हमलावर वहां से भाग निकले थे। कनवरिया निवासी उदयराज प्रजापति भी हमले में घायल हुए थे। इस घटना ने क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई।

सफीपुर निवासी विजय बहादुर यादव पर रात के समय हॉकी से हमला किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस घटना में उन्हें मामूली चोटें आई थीं। बीते 30 सितंबर की देर शाम दुकान बंद करके घर लौट रहे जूता व्यवसायी नितेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू पर खुदौली वन विहार के पास नकाबपोश हमलावरों ने हमला कर दिया था। इस घटना में वह घायल हो गए थे। इन सभी घटनाओं में हमले के तरीके और स्थानों को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालांकि, सभी मामलों के बीच आपसी संबंध होने या एक ही गिरोह के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। शनिवार की घटना में भी हमलावरों के नकाबपोश होने की पुष्टि नहीं हुई है।

क्षेत्र में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बीते जनवरी में विशेष अभियान चलाया था। उस समय पुलिस को सफलता भी मिली थी। लेकिन पिछले एक महीने में फिर हमले की शिकायतें सामने आने लगी हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि पहले चलाए गए अभियान का असर लंबे समय तक क्यों नहीं बना रह सका? क्या संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की नियमित निगरानी पर्याप्त है? क्या रात में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावी गश्त हो रही है? और क्या पूर्व की घटनाओं में शामिल हमलावरों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है? इन सवालों का जवाब जांच और पुलिस की कार्रवाई से ही सामने आएगा। फिलहाल लगातार मिल रही शिकायतें बताती हैं कि क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

क्षेत्र के नहर मार्ग, सफीपुर जंगल, कनवरिया मोड़ और खुदौली वन विहार जैसे स्थानों के आसपास रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुनसान रास्तों से गुजरने वाले राहगीरों, दुकानों पर रात बिताने वाले कारोबारियों और देर से घर लौटने वाले लोगों में भय बना हुआ है। पुलिस के सामने अब चुनौती है कि ताजा मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों की पहचान करे और पूर्व की घटनाओं की भी समीक्षा करे। संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई से ही लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हो सकता है। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित के भाई की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। अबतक की हुई घटनाओं के सवाल को थानेदार टालते रहे।

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