स्थानीय विकासखंड के जाफरजई गांव में शनिवार को पशुपालन विभाग की ओर से पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पशुओं को लेकर पहुंचे। चिकित्सकों की टीम ने कुल 750 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार किया तथा आवश्यक दवाएं वितरित कीं।

शिविर का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि मण्डल अध्यक्ष रत्नेश बिंद ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर पशु चिकित्सक डॉ. आलोक सिंह पालीवाल ने पशुपालकों को पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित खानपान, साफ-सफाई और समय पर टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने पशुओं को मौसमी बीमारियों से बचाने के उपाय भी बताए। शिविर में पशु चिकित्सकों की टीम ने पशुओं की जांच कर आवश्यकतानुसार उपचार किया। साथ ही पशुपालकों को सामान्य बीमारियों के लक्षणों की पहचान और प्राथमिक देखभाल के बारे में जानकारी दी गई, ताकि वे समय रहते अपने पशुओं की उचित देखभाल कर सकें।

उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल ने पशुपालन विभाग की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पशु बीमा, टीकाकरण अभियान और अनुदान योजनाओं के बारे में बताते हुए पात्र पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।पशु चिकित्सा शिविर के आयोजन से क्षेत्र के पशुपालकों में उत्साह देखने को मिला। पशुपालकों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से पशुओं का समय पर उपचार कराने और उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है। इस दौरान डॉ. प्रवेश, राम सुरेश, मिथिलेश एवं अखिलेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
