डांडिया महोत्सव में बिखरी भारतीय लोक संस्कृति की छटा, बच्चियों ने नृत्य से मोहा मन

नवीन नव दीप संस्था एवं लोटस लेडीज हब का भव्य आयोजन, परिधान, एकल और युगल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 16, 2026 8:02 am
डांडिया महोत्सव में बिखरी भारतीय लोक संस्कृति की छटा, बच्चियों ने नृत्य से मोहा मन
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रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान, ढोल-नगाड़ों की थाप, डांडिया की खनक और थिरकते कदमों के बीच नगर के नखास मोहल्ले में भव्य डांडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। नवीन नव दीप संस्था एवं लोटस लेडीज हब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बच्चियों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और आपसी सौहार्द की खूबसूरत झलक देखने को मिली। परिधान, एकल और युगल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जबकि विजेताओं को सम्मानित करने के साथ सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेडियो डायग्नोसिस, दुर्गा डायग्नोस्टिक्स जौनपुर डा. स्वाति यादव ने कहा कि डांडिया गुजरात और राजस्थान की प्रसिद्ध पारंपरिक लोक नृत्य विधाओं में शामिल है। शारदीय नवरात्रि के दौरान इसका विशेष उत्साह देखने को मिलता है। डांडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामूहिक उल्लास का प्रतीक भी है। निर्णायक मंडल की सदस्य एवं सखी वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष तथा भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति गुप्ता ने कहा कि डांडिया नृत्य को मां दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए युद्ध का प्रतीक माना जाता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली रंग-बिरंगी लकड़ियां देवी दुर्गा की तलवारों का प्रतीक मानी जाती हैं। यह नृत्य शक्ति, उत्साह और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है।

अतुल्य वेलफेयर ट्रस्ट की अध्यक्ष उर्वशी सिंह ने डांडिया की सांस्कृतिक परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस नृत्य की जड़ें भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला से भी जुड़ी मानी जाती हैं। वहीं, तेजस कलर लैब की अधिष्ठात्री रागिनी सिंह ने कहा कि डांडिया नृत्य लोगों को एक घेरे में जोड़कर सामूहिकता और आपसी तालमेल का संदेश देता है। पारंपरिक परिधान, संगीत और लयबद्ध कदम इस उत्सव को खास बनाते हैं। महोत्सव को तीन चरणों में विभाजित किया गया था, जिनमें परिधान, एकल नृत्य और युगल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। तीनों श्रेणियों में प्रतिभागियों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों की सराहना बटोरी।

परिधान प्रतियोगिता में आन्या ने प्रथम, मानवी जायसवाल ने द्वितीय और मानवी विश्वकर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। एकल प्रतियोगिता में सिद्धि विश्वकर्मा प्रथम, सुखमनी कौर द्वितीय और परी गुप्ता तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं, युगल प्रतियोगिता में देविका और भूमि की जोड़ी ने प्रथम, आराध्या और आयुष की जोड़ी ने द्वितीय तथा उन्नति और आराध्या की जोड़ी ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित होने के बाद विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अन्य प्रतिभागियों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर उनकी भागीदारी और उत्साह की सराहना की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. स्वाती यादव के साथ उर्वशी सिंह, प्रीति गुप्ता, रागिनी सिंह, सपा नेत्री उषा जायसवाल और सोना बैंकर्स की पूर्व अध्यक्ष एवं लायनेस क्लब की प्रतिनिधि ने विजेताओं को सम्मानित किया। अतिथियों ने स्वयं डांडिया खेलकर बच्चियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित किया।

महोत्सव में अनन्या, छवि, कुमकुम, संध्या, पीहू, आनवी, प्रिया, रतना, आरती, परी, शीतल, नीलू, सानवी, वैष्णवी, श्रुति, अर्पिता, जसप्रीत, खुशी, उन्नति, श्रेया, अंशिका, शिवानी और रोशनी सहित अनेक प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत शिपाली जायसवाल ने किया, जबकि संचालन ज्योति जायसवाल ने किया। आयोजिका विदिशा जायसवाल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।महोत्सव को सफल बनाने में वैष्णवी जायसवाल, मुस्कान विश्वकर्मा, माला जायसवाल, बृजबाला, तेजस्वी, स्वाती जायसवाल, आयुषी सरोज सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही।

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