राम-भरत मिलाप का भावुक दृश्य देख छलक उठीं श्रद्धालुओं की आंखें, जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा नगर

पूर्वांचल के ऐतिहासिक भरत मिलाप में चारों भाइयों का महामिलन बना आकर्षण का केंद्र, भोर में पुराना चौक पहुंचा पुष्पक विमान

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 22, 2026 4:41 am
राम-भरत मिलाप का भावुक दृश्य देख छलक उठीं श्रद्धालुओं की आंखें, जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा नगर
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आस्था, भक्ति और भाईचारे के अद्भुत संगम में गुरुवार की सुबह शाहगंज का ऐतिहासिक भरत मिलाप भावनाओं के सैलाब में सराबोर हो उठा। जैसे ही पुराना चौक पर प्रभु श्रीराम और भरत का मिलन हुआ, श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के गले मिलते ही पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। भक्ति और भावुकता से भरे इस दृश्य ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। इसी के साथ पूर्वांचल के प्रसिद्ध ऐतिहासिक भरत मिलाप का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

भरत मिलाप की भव्यता का सिलसिला बुधवार की मध्यरात्रि से ही शुरु हो गया था। संगतजी मंदिर से पुष्पक विमान पर सवार प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए जेसीज चौराहा पहुंची, जहां से श्रीरामपुर रोड के रास्ते आगे बढ़ते हुए कोतवाली रोड, लोहामंडी, रामलीला भवन गली, पुर्वी कौड़ियां से होकर गुरुवार की सुबह पुराना चौक पहुंची। यहां पहले से मौजूद श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के आगमन और चारों भाइयों के ऐतिहासिक मिलन के साक्षी बनने के लिए उत्सुक नजर आए।

भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार के बीच जैसे ही श्रीराम और भरत का मिलन हुआ, वातावरण जयकारों से गूंज उठा। वर्षों के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी और भरत के समर्पण का प्रतीक यह प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक क्षण बन गया।

इसके पूर्व पूरी रात चली शोभायात्रा में पुष्पक विमान रुपी रथ के आगे हनुमानजी चल रहे थे, जबकि पीछे आकर्षक झांकियां और दुर्गा प्रतिमाएं शामिल थीं। विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। सजी-धजी झांकियों को देखने के लिए नगर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। रात से सुबह तक धार्मिक उल्लास और उत्साह का माहौल बना रहा। शाहगंज नगर का भरत मिलाप अपनी ऐतिहासिक परंपरा और धार्मिक महत्ता के कारण पूर्वांचल में विशिष्ट पहचान रखता है। इस आयोजन में जौनपुर के अलावा आजमगढ़, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। चारों भाइयों के मिलन के दर्शन कर लोगों ने सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

विशाल जनसमूह को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मी नगर में लगातार चक्रमण करते रहे और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे। श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल समेत समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए।आस्था, परंपरा और पारिवारिक प्रेम का संदेश देने वाला ऐतिहासिक भरत मिलाप एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का भावुक दृश्य लोगों के मन में भक्ति और समर्पण की अमिट छाप छोड़ गया।

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