CJI सूर्यकांत के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए वकील रिहा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 10, 2026 5:16 am
CJI सूर्यकांत के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए वकील रिहा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन
Total Views : 200
Total Views : 180

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे वकीलों को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हस्तक्षेप किया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग किए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों से वकीलों को रिहा करने के लिए कहा गया। एससीबीए के अध्यक्ष प्रदीप राय के अनुसार, हिरासत में लिए गए वकीलों को रिहा कर दिया गया है। इनमें महिला वकील भी शामिल थीं।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने शनिवार सुबह इस मामले में प्रस्ताव पारित कर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर चिंता जताई। एसोसिएशन का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ और युवा वकीलों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया तथा कई वकीलों को हिरासत में लेकर यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचाया। एससीबीए ने सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखकर हिरासत में लिए गए वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके ठिकाने की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए वकीलों को कानूनी सहायता मिलनी चाहिए और जिनके खिलाफ हिरासत में रखने का कोई वैध आधार नहीं है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। इसके अलावा, एसोसिएशन ने पुलिस कार्रवाई और कथित बल प्रयोग की परिस्थितियों की जांच कराने तथा कानून के अनुसार उचित कदम उठाने का अनुरोध किया।

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता देवरत ने भी इस घटनाक्रम की जानकारी मुख्य न्यायाधीश को दी। उन्होंने बताया कि सीजेआई ने संबंधित अधिकारियों से संवाद कर वकीलों की रिहाई के लिए हस्तक्षेप किया। इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के हस्तक्षेप करने की जानकारी भी सामने आई है। प्रदर्शनकारी वकील मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर विरोध दर्ज करा रहे थे। इसी दौरान वकीलों को हिरासत में लिए जाने की घटना सामने आई। मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के हस्तक्षेप और सीजेआई तक शिकायत पहुंचने के बाद हिरासत में लिए गए वकीलों की रिहाई हुई। घटनाक्रम ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और हिरासत की वैधानिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

About The Author

Share
LATEST post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed