मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की राजनीति में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच चल रहा टकराव अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। कांग्रेस ने गुरुवार को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान करते हुए इसे ‘ब्लैक डे’ के रुप में मनाने की अपील की है। विपक्ष की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है।

दिल्ली में विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी है। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है। कांग्रेस ने दिल्ली की घटनाओं के विरोध में अपने प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर के संगठनों से गुरुवार को प्रदर्शन करने को कहा है। आगरा समेत कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विवाद का मुख्य केंद्र मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा है और इससे मताधिकार प्रभावित हो सकता है।

वहीं चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने तथा अपात्र, डुप्लीकेट अथवा अन्य संदिग्ध प्रविष्टियों को हटाने के लिए पुनरीक्षण की प्रक्रिया जरुरी है। इसलिए SIR को लेकर विपक्ष के आरोप और आयोग का पक्ष फिलहाल आमने-सामने हैं।गुरुवार को बेंगलुरु में भी हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने SIR को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन में छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों की भागीदारी रही। अभिनेता प्रकाश राज और सामाजिक कार्यकर्ता ध्रुव राठी सहित कई लोगों की मौजूदगी भी रिपोर्ट की गई है। विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच संवाद को लेकर भी विवाद सामने आया है। आयोग ने कहा है कि किसी राजनीतिक दल ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैठक के लिए समय नहीं मांगा था।

आयोग के अनुसार बाद में दिल्ली पुलिस के माध्यम से राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा ज्ञापन सौंपने की जानकारी मिली थी। आयोग ने अपने निर्धारित प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के साथ बैठक तय प्रक्रिया के अनुसार आयोग परिसर में होती है। ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत ने आयोग और केंद्र से जवाब मांगा है। याचिका में आयोग के भीतर कथित तौर पर सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार किया है।

विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबर है। दिल्ली स्थित उनके आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। वहीं ज्ञानेश कुमार का 7-8 अक्टूबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा भी स्थगित कर दिया गया है। दौरे की नई तारीख बाद में तय किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल विवाद के तीन प्रमुख मोर्चे हैं—SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच मतभेद, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की विपक्षी मांग और इस पूरे मामले से जुड़े न्यायिक सवाल। गुरुवार को देशभर में हो रहे प्रदर्शन के कारण राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही और चुनाव आयोग का आगामी रुख इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहेगा।
