विकासखंड के 250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘आंगन का उत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा एवं विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित विभिन्न गतिविधियों और सेवाओं के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी गई।

महगांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि भाजपा नेता रतन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा राय, निशा गुप्ता, रेनू देवी और श्रेया मौर्या सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी प्रमुख रही और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों तथा माताओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। जमापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर सीएचओ सचिन कटारा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी तरह पिंडरा, पिंडराई, अजईपुर, समोगरा, असवालपुर, फूलपुर, सिंधोरा, मंगारी सहित विकासखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रों पर बच्चों को उपलब्ध कराई जाने वाली पोषण से लेकर प्रारंभिक शिक्षा तक की सेवाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। अभिभावकों को बताया गया कि केंद्रों पर बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए किस प्रकार की गतिविधियां कराई जाती हैं और उन्हें पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा से किस तरह जोड़ा जाता है।

आयोजन के दौरान बच्चों के अभिभावकों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रुप से होने वाली विभिन्न गतिविधियों से भी अवगत कराया गया। बच्चों की सीखने की प्रक्रिया, खेल आधारित गतिविधियों और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से अभिभावकों को प्रारंभिक बाल विकास के महत्व की जानकारी दी गई।विभिन्न केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। इसी क्रम में थाना गांव में चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) के आर्थिक सहयोग तथा जनमित्र न्यास एवं मानवाधिकार जननिगरानी समिति के सहयोग से पोषण माह के तहत उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के पोषण और उनके समुचित विकास से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ना तथा अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरुक करना है।
