अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में हुई पांच मौतों की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए अनाथ हुईं दो मासूम बच्चियों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस के अनुसार, घटना में अरविंद सिंह की मौत के बाद पीछे रह गई उसकी दोनों बेटियों के पालन-पोषण और शिक्षा में सहयोग का निर्णय लिया गया है।

पुलिस प्रशासन के मुताबिक, आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों की परवरिश की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि बच्चियों की शिक्षा और भविष्य की जरुरतों में माता-पिता की तरह सहयोग किया जाएगा। एसएसपी ने अपने एक माह का वेतन बच्चियों के लिए देने की घोषणा भी की है। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जिले में तैनात पुलिसकर्मी भी इस सहायता में योगदान करेंगे। करीब पांच हजार पुलिसकर्मियों द्वारा एक-एक दिन का वेतन देने की बात सामने आई है। इस धनराशि को बच्चियों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने की योजना है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पुलिसकर्मियों के योगदान से प्राप्त राशि बच्चियों के नाम एफडी के रुप में सुरक्षित कराई जाएगी।

शंभूपुर गहजी गांव में हुई घटना में अरविंद सिंह की पत्नी और दो पुरोहितों की मौत हुई थी। इसके बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के एक कमरे में चला गया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान अरविंद की भी मौत हो गई। घटना में उसका बेटा शौर्य भी घायल हुआ था और बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस तरह परिवार के कई सदस्यों की मौत के बाद दोनों बेटियां अकेली रह गईं। घटना में घायल दोनों बच्चियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस के अनुसार, उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और उनकी देखभाल को लेकर पुलिस प्रशासन ने जिम्मेदारी लेने का निर्णय किया। पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया है कि घटना में प्रभावित अन्य परिवारों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि पीड़ित परिवारों को उपलब्ध सरकारी सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चियों की पढ़ाई बाधित न होने देना और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करना बताया गया है। पुलिसकर्मियों की सामूहिक आर्थिक सहायता तथा एसएसपी के व्यक्तिगत योगदान को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। शंभूपुर गहजी की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की ओर से बच्चियों की शिक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा प्रभावित परिवार के लिए तत्काल राहत के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आई है।
