मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ-वाराणसी दौरा स्थगित, डेढ़ करोड़ से अधिक के प्रस्तावित खर्च ने खड़े किए सवाल

मेरठ में टेंटेज-लाइटिंग से लेकर भोजन तक पर करोड़ों का प्रावधान, 25 सितंबर को होना था युवाओं और मतदाताओं से संवाद; वाराणस

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : September 25, 2026 3:54 am
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ-वाराणसी दौरा स्थगित, डेढ़ करोड़ से अधिक के प्रस्तावित खर्च ने खड़े किए सवाल
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश के मेरठ और वाराणसी में प्रस्तावित युवा संवाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। मेरठ में शुक्रवार, 25 सितंबर को निर्वाचक साक्षरता क्लब (ELC 2.0) एवं ECINET के क्षेत्रीय सम्मेलन के साथ युवाओं और मतदाताओं से संवाद प्रस्तावित था। इसके बाद 28 सितंबर को वाराणसी में भी Gen-Z यानी युवा मतदाताओं के साथ संवाद कार्यक्रम होना था। दोनों कार्यक्रम फिलहाल टाल दिए गए हैं।

कार्यक्रमों के स्थगित होने के साथ ही मेरठ में आयोजन की तैयारियों पर प्रस्तावित खर्च भी चर्चा में आ गया है। उपलब्ध टेंडर संबंधी जानकारी के अनुसार मेरठ में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए कुल 1 करोड़ 53 लाख 80 हजार रुपये का बजट रखा गया था। इसमें आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं से लेकर भोजन तक के खर्च शामिल थे।मीडिया रिपोर्टों में सामने आई टेंडर जानकारी के मुताबिक चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम तथा लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए 1 करोड़ 14 लाख 76 हजार रुपये का प्रावधान था। इस राशि में टेंटेज, ब्रांडिंग, ऑडियो-विजुअल व्यवस्था, फ्लोरिंग, लाइटिंग, जनरेटर सहित अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं शामिल थीं। इसके अतिरिक्त दोनों आयोजन स्थलों पर भोजन की व्यवस्था के लिए 39 लाख 4 हजार रुपये का बजट प्रस्तावित था। दोनों मदों को जोड़ने पर कुल राशि 1 करोड़ 53 लाख 80 हजार रुपये बैठती है।

मेरठ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को इसमें शामिल किया जाना था। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान प्रक्रिया, लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्वाचन आयोग की भूमिका के बारे में जानकारी देने तथा उनके सवालों का जवाब देने की योजना थी।ELC 2.0 के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों में निर्वाचन संबंधी जागरूकता बढ़ाने की पहल की जा रही है। आयोग के अनुसार स्कूल स्तर पर कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों और कॉलेजों में 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को इससे जोड़ा जाता है। ECINET के माध्यम से मतदाता सेवाओं और निर्वाचन संबंधी डिजिटल सुविधाओं की जानकारी भी दी जानी थी। मेरठ के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का वाराणसी दौरा प्रस्तावित था। यहां 28 सितंबर को Gen-Z युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम होना था। कार्यक्रम में युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया, डिजिटल माध्यमों और मतदाता सेवाओं की जानकारी देने की योजना थी। अब यह कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है।

दोनों कार्यक्रम ऐसे समय स्थगित किए गए हैं, जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सार्वजनिक बहस चल रही है। द इंडियन एक्सप्रेस ने 23 सितंबर को प्रकाशित अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इसके बाद मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रमों के स्थगित होने को लेकर राजनीतिक और मीडिया स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आए। कुछ रिपोर्टों में कार्यक्रम स्थगित किए जाने को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा गया, जबकि निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसा सीधा कारण नहीं बताया गया है। कार्यक्रमों के स्थगन को लेकर निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारी के अनुसार स्थल की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्रम और अन्य परिस्थितियों के कारण तारीखों में बदलाव हो सकता है। अधिकारी ने यह भी कहा कि मेरठ और वाराणसी के इन दोनों कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्णय 21 सितंबर को ही लिया गया था। इसलिए यह कहना कि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद ही कार्यक्रम रद्द किया गया, उपलब्ध आधिकारिक स्पष्टीकरण के आधार पर निश्चित तथ्य के रुप में नहीं कहा जा सकता। हालांकि, दोनों घटनाओं के समय-संबंध को लेकर सार्वजनिक चर्चा जरुर तेज हुई है।

कार्यक्रम स्थगित होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि प्रस्तावित 1.53 करोड़ रुपये से अधिक की राशि में से वास्तव में कितना खर्च हुआ। क्या टेंटेज, ब्रांडिंग, ऑडियो-विजुअल, लाइटिंग और अन्य व्यवस्थाओं पर कोई भुगतान किया गया? भोजन के लिए प्रस्तावित 39.04 लाख रुपये में से कोई राशि खर्च हुई या नहीं? क्या ठेकेदार को कोई अग्रिम भुगतान किया गया? और कार्यक्रम स्थगित होने के बाद टेंडर की स्थिति क्या है? इन सवालों का जवाब संबंधित निर्वाचन एवं जिला प्रशासन के अभिलेखों से मिल सकता है। यदि भुगतान नहीं हुआ है तो प्रस्तावित बजट और वास्तविक बचत के बीच का अंतर भी सामने आएगा।फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि मेरठ में मुख्य चुनाव आयुक्त के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए 1 करोड़ 53 लाख 80 हजार रुपये का टेंडर/प्रस्तावित बजट सामने आया है और मेरठ के साथ वाराणसी का युवा संवाद कार्यक्रम भी स्थगित हो गया है। कार्यक्रम कब दोबारा आयोजित होंगे, इसकी नई तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है।

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