उत्तर प्रदेश के एक वर्तमान आईएएस अधिकारी के संबंध में सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक माध्यमों पर प्रसारित गंभीर आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव को शिकायत भेजकर आरोपों के तथ्यात्मक सत्यापन की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, सार्वजनिक रुप से उपलब्ध एक फेसबुक रील और अन्य सामग्री में आरोप लगाया गया है कि कुछ कंपनियों को सरकारी टेंडर कथित तौर पर यौन लाभ के बदले दिए गए। इसके अलावा, इसी अधिकारी से संबंधित कुछ अन्य सार्वजनिक सामग्री में एक महिला द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों और मामले में अधिकारी की कथित भूमिका तथा बाद की कार्रवाई को लेकर भी विभिन्न दावे किए गए हैं।अमिताभ ठाकुर ने मुख्य सचिव से मांग की है कि संबंधित टेंडरों की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। इसके तहत निविदा दस्तावेज, प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के अनुमोदन, संबंधित कंपनियों को किए गए भुगतान और अन्य अभिलेखों का परीक्षण कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक माध्यमों में सामने आए दावों का उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्वतंत्र सत्यापन कराया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने जांच ऐसे अधिकारी से कराने की मांग की है जो संबंधित आईएएस अधिकारी के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण में न हो। फिलहाल सामने आए आरोप शिकायत में किए गए दावों के स्तर पर हैं। इनकी स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष या आरोपों की पुष्टि संबंधी कोई तथ्य इस शिकायत के आधार पर स्थापित नहीं होता है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
