शाही किले का नाम बदलना ऐतिहासिक विरासत से खिलवाड़ : आरिफ हबीब

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : September 22, 2026 5:10 am
शाही किले का नाम बदलना ऐतिहासिक विरासत से खिलवाड़ : आरिफ हबीब
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ऐतिहासिक शाही किले का नाम बदलकर “जौनपुर किला” किए जाने को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव एवं व्यापार मंडल के जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने आपत्ति जताई है। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के नाम उनकी पहचान और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे नामों में बदलाव से जौनपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान प्रभावित होती है।

आरिफ हबीब ने कहा कि शाही किला शहर के इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। उनके अनुसार, ऐतिहासिक स्थलों के नाम बदलने के बजाय उनके इतिहास और महत्व को संरक्षित तथा प्रचारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “इतिहास को बदला नहीं जा सकता, बल्कि इतिहास से सीखा जा सकता है।” आने वाली पीढ़ियों को जौनपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना सरकार और समाज की जिम्मेदारी है।

श्री हबीब ने कहा कि जौनपुर की पहचान उसकी साझा संस्कृति, साहित्य, संगीत, स्थापत्य और ऐतिहासिक विरासत से बनी है। उन्होंने सरकार से शाही किले सहित जिले की अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास पर ठोस कार्य करने की मांग करते हुए कहा कि जौनपुर की ऐतिहासिक विरासत किसी एक वर्ग या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे जौनपुर और देश की साझा धरोहर है। उनके अनुसार, ऐतिहासिक स्थलों के नाम और इतिहास से जुड़े निर्णय लेते समय उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और विरासत का ध्यान रखा जाना चाहिए।

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