उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्टूबर का महीना चुनावी गतिविधियों से भरा रहने वाला है। भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन शाम को मतगणना की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश की 11 शिक्षक स्नातक विधान परिषद सीटों के लिए भी चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।

राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर तय की गई है। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना शाम 5 बजे से शुरु होगी।उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, उनमें वर्तमान सदस्य हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, ब्रजलाल, बीएल वर्मा, राम गोपाल यादव, नीरज शेखर, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, रामजी, सीमा और डॉ. दिनेश शर्मा शामिल हैं। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही भाजपा, सपा और बसपा समेत विभिन्न दलों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, किसे दोबारा मौका मिलेगा और किस नए चेहरे को मैदान में उतारा जाएगा, इसका अंतिम फैसला संबंधित दलों द्वारा उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। भाजपा के संभावित दावेदारों के रि में विभिन्न नामों की चर्चा जरुर है, लेकिन इन्हें अभी आधिकारिक प्रत्याशी नहीं माना जा सकता। इसी तरह सपा और बसपा की ओर से भी अंतिम उम्मीदवारों की घोषणा को ही निर्णायक माना जाएगा।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की कुल 31 सीटें हैं। राज्यसभा चुनाव में विधायक वरीयता के आधार पर मतदान करते हैं। 10 सीटों के चुनाव में प्रत्येक सीट के लिए आवश्यक मतों का निर्धारण चुनाव में प्रभावी वोटों के आधार पर होता है। इस बार मुकाबले में दलों की मौजूदा विधानसभा संख्या के साथ-साथ सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, यह अंतिम उम्मीदवारों, नामांकन और मतदान के दौरान सामने आने वाले वास्तविक समीकरण पर निर्भर करेगा। इसलिए अभी किसी सीट या उम्मीदवार की जीत को निश्चित बताना जल्दबाजी होगी। उत्तर प्रदेश की विधान परिषद में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए भी चुनाव होगा। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक इन सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इन 11 सीटों पर वर्तमान सदस्यों में अवनीश कुमार सिंह, आशुतोष सिन्हा, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, दिनेश कुमार गोयल, डॉ. मान सिंह यादव, उमेश द्विवेदी, लाल बिहारी यादव, डॉ. आकाश अग्रवाल, श्रीचंद शर्मा, हरि सिंह ढिल्लो और ध्रुव कुमार त्रिपाठी शामिल हैं।
इन चुनावों के तहत उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की विधान परिषद सीटों पर मतदान होगा। चारों राज्यों को मिलाकर कुल 28 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कराया जाएगा। राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को अंतिम रुप देने की प्रक्रिया शुरु होगी। कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं और वास्तविक चुनावी समीकरण क्या बनता है, इसकी तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद और स्पष्ट होगी।
