प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, और जनहितकारी बनाने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने राशन दुकानों के नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण, राशन कार्डों के निष्पक्ष सत्यापन, लंबित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और अनियमितता करने वाली दुकानों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

ये निर्देश खाद्य एवं रसद विभाग मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं। अपर आयुक्त, खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने प्रत्येक कार्य दिवस में उपायुक्त (खाद्य) स्तर से कम से कम एक आकस्मिक निरीक्षण अनिवार्य किया है। निरीक्षण की विस्तृत आख्या तैयार करने के साथ GPS Tagging भी की जाएगी और उसका उल्लेख मुख्य सार रिपोर्ट में किया जाएगा। इसी तरह जिला पूर्ति अधिकारी स्तर से भी प्रतिदिन कम से कम एक आकस्मिक निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पूर्ति निरीक्षकों को राशन वितरण के दौरान GPS Tagging के साथ प्रतिदिन दो से तीन राशन दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा गया है।
विभाग ने उन राशन दुकानों को विशेष रुप से चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जहां बार-बार अनियमितता या शिकायतें सामने आती हैं। उपायुक्त (खाद्य) और जिला पूर्ति अधिकारी संयुक्त रुप से निरीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा कर ऐसी दुकानों की पहचान करेंगे। इन दुकानों पर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई करने के साथ उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग ने सभी लाभार्थियों के राशन कार्डों का समुचित और निष्पक्ष सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी लाभार्थी का राशन कार्ड बिना ठोस और वैध कारण के निरस्त नहीं किया जाए।
राशन वितरण के दौरान कोटेदारों और संबंधित अधिकारियों को लाभार्थियों के साथ शिष्ट, सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी लाभार्थी के साथ अभद्र या अनुचित व्यवहार की शिकायत मिलने पर उसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने लंबित आवेदनों और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया है। बार-बार शिकायत मिलने वाली राशन दुकानों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही आकस्मिक निरीक्षणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई की आख्या एक सप्ताह के भीतर कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
