कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के तत्वावधान में आयोजित 15वें कान्हा महोत्सव का भव्य शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं शंखनाद के साथ हुआ। महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति, कला और भारतीय संस्कृति का मनोहारी संगम देखने को मिला। प्रतिभागियों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आनंद प्रेमी एवं सुशील सेठ ‘बागी’ के शंखनाद से हुआ। इसके बाद भुवनेश्वर मोदनवाल के नेतृत्व में ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। संस्था के अध्यक्ष रचित चौरसिया ने कार्यक्रम के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की। कान्हा महोत्सव में प्रतिभागियों ने लल्ला वर्ग, कृष्ण वर्ग, राधा वर्ग एवं युगल वर्ग में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम, भक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भक्ति और सांस्कृतिक रंग भर दिया। सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भेंट किए गए, जबकि विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
महोत्सव में दृश्य कला प्रमुख राजकुमार कसेरा के नेतृत्व में आनंद प्रेमी और संजीव जायसवाल द्वारा तैयार की गई आकर्षक रंगोली भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। रंगोली ने कार्यक्रम स्थल की सुंदरता में चार चांद लगा दिए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में वीरेन्द्र सिंह ‘बंटी’, प्रदीप जायसवाल, गीता जायसवाल, रीता जायसवाल, हनुमान प्रसाद अग्रहरि एवं दिलीप अग्रहरि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्कार भारती के महामंत्री वीरेन्द्र यादव ‘वीरू’ ने किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों तथा धर्म, सत्य और कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण पर प्रकाश डाला।
अंत में कार्यक्रम संयोजक रामजी यादव ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं उपस्थित सभी गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में शिम प्रकाश ‘सिम्पू’, आनंद मोदनवाल, नीरज मिश्रा, श्रीअग्रहरि, गौरव गुप्ता, अश्वनी अग्रहरि, पवन तनय अग्रहरि आदि का विशेष सहयोग रहा।
