पति के निधन के सदमे और लंबे समय से चल रही बीमारी के बीच 80 वर्षीय सरस्वती उपाध्याय का गुरुवार की रात निधन हो गया। उनके पति पुरुषोत्तम उपाध्याय की 16 सितंबर को तेरहवीं की रस्म संपन्न हुई थी। इसके अगले ही दिन रात करीब 10:45 बजे उन्होंने घर पर अंतिम सांस ली। पति की तेरहवीं के दूसरे दिन ही पत्नी के निधन से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
सरस्वती उपाध्याय वरिष्ठ पत्रकार व जौनपुर पत्रकार संघ की शाहगंज इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रवण उपाध्याय ‘लालू’ की माता थीं। उनके पति पुरुषोत्तम उपाध्याय का तीन सितंबर को निधन हुआ था। पति के निधन के बाद से ही सरस्वती उपाध्याय सदमे में थीं। 16 सितंबर को पति की तेरहवीं की रस्म पूरी हुई और अगले ही दिन उनके निधन की खबर से परिजन, रिश्तेदार और शुभचिंतक स्तब्ध रह गए। सरस्वती उपाध्याय सरल स्वभाव, ममत्व और सेवा भावना के लिए जानी जाती थीं। गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति उनके मन में विशेष संवेदना थी। किसी जरूरतमंद की परेशानी की जानकारी होने पर वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग के लिए आगे रहती थीं। उनके मधुर व्यवहार और आत्मीयता के चलते क्षेत्र के लोगों से उनका गहरा जुड़ाव रहा।
निधन की सूचना मिलते ही पत्रकार, आस-पड़ोस के लोग, रिश्तेदार व शुभचिंतक उनके घर पहुंचने लगे। लोगों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत सरस्वती उपाध्याय के सरल स्वभाव एवं सेवा भावना को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।दिवंगत का अंतिम संस्कार गोमती नदी के तट स्थित सुतौली घाट पर किया गया। उनके इकलौते पुत्र वरिष्ठ पत्रकार श्रवण उपाध्याय ‘लालू’ ने मुखाग्नि दी।
