वर्ष 2026 के अक्टूबर से दिसंबर के बीच नॉर्थ इंडियन ओशन में साइक्लोन गतिविधि बढ़ने का अनुमान जताया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े आकलन के अनुसार इस अवधि में करीब तीन ट्रॉपिकल साइक्लोन बनने की संभावना है। हालांकि, इस अनुमान से किसी विशेष तूफान की तारीख, स्थान या उसकी तीव्रता की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की गई है।

आकलन के मुताबिक इन संभावित तूफानों का कुल पावर डिसिपेशन इंडेक्स (PDI) करीब 13.06 × 10⁶ नॉट्स³ रह सकता है। यह पिछले 44 वर्षों में पोस्ट-मॉनसून सीजन के दौरान दर्ज साइक्लोन की औसत ताकत की तुलना में करीब 83 प्रतिशत अधिक बताया गया है। ऐसे में अक्टूबर से दिसंबर के बीच समुद्री तूफानों की गतिविधि सामान्य से अधिक रहने की आशंका जताई जा रही है।यह अनुमान समुद्र और वातावरण से जुड़े कई वर्षों के आंकड़ों तथा मौसम संबंधी परिस्थितियों के विश्लेषण के आधार पर लगाया गया है। इस तरह के पूर्वानुमान से संभावित साइक्लोन गतिविधि को लेकर पहले से तैयारी करने में मदद मिल सकती है।
विशेषकर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और राहत-बचाव दलों को संभावित जोखिमों के मद्देनजर अपनी तैयारियां मजबूत करने में इसका लाभ मिल सकता है।हालांकि, तीन साइक्लोन आने का यह एक मौसमी अनुमान है, न कि तीन निश्चित तूफानों की भविष्यवाणी। किसी तूफान के बनने, उसके मार्ग और प्रभाव की जानकारी मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले ताजा पूर्वानुमानों से ही स्पष्ट होगी।
