बरेली।
समाचार एक्सप्रेस
उत्तर प्रदेश के बरेली में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी तेज नदी कटान की चपेट में आकर ढह गई। बताया जा रहा है कि किच्छा नदी के तेज बहाव के चलते जमीन का कटान तेजी से हुआ, जिसके बाद टंकी का ढांचा हिलने लगा और देखते ही देखते कुछ सेकेंड में नदी में समा गया।

मामला जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बैरमनगर का है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस परियोजना की लागत करीब 4 करोड़ रुपये थी और वर्ष 2023 से निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी का ढांचा, फाउंडेशन, परिसर, कमरा और गेट का निर्माण पूरा हो चुका था, जबकि टंकी लगाने का काम बाकी था। गांव में पाइपलाइन बिछाने के साथ करीब 70 प्रतिशत घरों में पानी की टोंटियां भी लगाए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, घटना से करीब चार दिन पहले ही टंकी की बाउंड्रीवॉल नदी के कटान की चपेट में आकर बह गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और परिसर में मौजूद सोलर पैनल, डीजी, स्कॉडा और जनरेटर सहित अन्य सामान को सुरक्षित कराया।

ग्राम प्रधान शमशुल खां के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले नदी टंकी से लगभग 100 मीटर दूर थी, लेकिन तेजी से हुए कटान के कारण नदी लगातार टंकी के करीब आती गई।प्रधान का आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों को कटान रोकने के लिए पिचिंग कराने की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो टंकी भी नदी की चपेट में आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कटानरोधी कार्य कराया जाता तो नुकसान को टाला जा सकता था। घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता, फाउंडेशन की मजबूती और नदी के कटान को लेकर किए गए सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण से पहले इंजीनियरों ने सर्वे किया था, लेकिन नदी के संभावित कटान को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया।
