लखनऊ।
समाचार एक्सप्रेस
उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी चिकित्सकों की सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियुक्ति के माध्यम से 70 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे सकेंगे।
वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकारी चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है। इसके बाद योग्य चिकित्सकों को पुनर्नियुक्ति के जरिए 70 वर्ष तक सेवा का अवसर देने की तैयारी की जा रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। यह व्यवस्था प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों पर लागू होगी।

सरकार के इस फैसले से अनुभवी चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ CHC और PHC को भी मिलने की उम्मीद है। खासकर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी वाले विभागों में इससे राहत मिल सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनुभवी डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को बेहतर उपचार और विशेषज्ञ परामर्श मिलने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले लेकिन योग्य एवं अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग कर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सक्षम, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
