सिधाई गांव में महाकालेश्वर राम-जानकी मंदिर के समीप सड़क किनारे कूड़ा डंप किए जाने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है। कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध के कारण मंदिर में पूजा-पाठ करना मुश्किल हो गया है। वहीं, मुख्य मार्ग के किनारे गंदगी जमा होने से राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद शाहगंज की ओर से ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना मंदिर के समीप कूड़ा गिराया जा रहा है। लगातार कूड़ा जमा होने से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। लोगों को आशंका है कि गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी मार्ग से मजडीहा, डोमनपुर, ढढवारा और मड़वा मोहीउद्दीनपुर सहित आसपास के गांवों के लोगों का आवागमन होता है। मंदिर के समीप कूड़े का ढेर होने से श्रद्धालुओं के साथ ही राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि गुरुवार से सिधाई गांव में रामलीला का आयोजन शुरु होना है। ऐसे में आयोजन से पहले मंदिर और मुख्य मार्ग के आसपास जमा कूड़े को नहीं हटाया गया तो रामलीला में शामिल होने आने वाले लोगों को भी दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर स्वच्छता अभियान के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मंदिर और मुख्य मार्ग के समीप खुले में कूड़ा डंप किए जाने से स्वच्छता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। धार्मिक स्थल के आसपास इस तरह गंदगी जमा होने से श्रद्धालुओं की आस्था और आम लोगों की सुविधा प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर कूड़े के ढेर को हटवाने, मंदिर परिसर और सड़क की सफाई कराने तथा कूड़ा निस्तारण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि रामलीला से पहले सफाई कराई जाए, ताकि धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। अब देखना यह है कि संबंधित प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारी ग्रामीणों की इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और मंदिर के आसपास स्वच्छता बहाल कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
