भारतीय संविधान सभा के सदस्य, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय लक्ष्मीशंकर यादव की 30वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को कांग्रेसियों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें याद किया। खुटहन क्षेत्र के विशुनपुर चौराहे पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान हवन-पूजन कर उनके योगदान को नमन किया गया।

कार्यक्रम में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा ने स्वर्गीय लक्ष्मीशंकर यादव को विकास का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में देश और प्रदेश की सेवा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह संविधान सभा के सदस्य होने के साथ अंतरिम संसद के सदस्य रहे और छह बार विधायक के रुप में जनता का प्रतिनिधित्व किया। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्होंने स्वास्थ्य, सहकारिता, लोक निर्माण और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्य किया। राकेश मिश्रा ने कहा कि स्वर्गीय लक्ष्मीशंकर यादव ने जौनपुर सहित उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी। लोक निर्माण मंत्री के रुप में उन्होंने सड़कों का जाल बिछाने के साथ नदियों पर पुलों और विद्यालयों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि लक्ष्मीशंकर यादव गांधीवादी विचारधारा के समर्थक और उदार प्रवृत्ति के जननेता थे, जिन्होंने जनसेवा को सदैव प्राथमिकता दी।

कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं स्वर्गीय लक्ष्मीशंकर यादव के पुत्र विजय यादव ने कहा कि उनके पूज्य पिता राजनीतिक संत थे। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए समाज और प्रदेश के विकास के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य किया। विजय यादव ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि थी और वह समाज के सभी वर्गों की उन्नति के लिए सदैव प्रयासरत रहते थे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय लक्ष्मीशंकर यादव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उनके बताए जनसेवा और विकास के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

पुण्यतिथि कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खुटहन के अध्यक्ष विपिन शर्मा, पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख विश्राम राम, पूर्व प्रधान राजेंद्र प्रसाद मिश्र, ओमप्रकाश यादव, दलसिंगार यादव, ठाकुर प्रसाद यादव, प्यारेलाल यादव, कमलेश रजक, ईश्वरदेव यादव, डॉ. राम आसरे, सत्यम तिवारी, संजय सिंह, हौशिला प्रसाद यादव, ऋषिदेव यादव, अरविंद कुमार, शिवानंद, अंशुमन यादव, अजीत यादव, संकटा प्रसाद यादव, मुहम्मद अरशद और श्रीराम शास्त्री सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
