समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रद्धा दुबे प्रकरण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है, बल्कि ऐसा मामला है जो सरकार को ले डूबेगा। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में इस प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज होने की संभावना है।

अखिलेश यादव के बयान के अनुसार, श्रद्धा दुबे के फरार होने के बाद उसकी लोकेशन नेपाल में बताए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद अचानक उसके लखनऊ के आसपास दिखाई देने और समाचार एजेंसी एएनआई को लंबा इंटरव्यू देने की बात कही गई। आरोप है कि इंटरव्यू के बाद वह फिर से सामने नहीं आई और अब उसकी लोकेशन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बताई जा रही है।

प्रकरण में सत्ता से जुड़े एक वरिष्ठ नौकरशाह पर श्रद्धा दुबे को संरक्षण देने और उसे पुलिस की कार्रवाई से बचाने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच, सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि श्रद्धा दुबे किसी कथित धोखाधड़ी के मामले में अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर सकती है। प्राप्त जानकारी में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और एक अन्य व्यक्ति पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित होने की बात कही गई है।

अखिलेश यादव के बयान ने प्रकरण को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस मामले में क्या कार्रवाई करती है और कथित संरक्षण से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।
