नगर पालिका परिषद शाहगंज में कथित मनमानी, पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नामित सभासद श्यामजी गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा शासनादेशों की अनदेखी करते हुए शिकायत पर भ्रामक एवं मिथ्या रिपोर्ट लगाई गई है। साथ ही, नगर पालिका अधिनियम की धाराओं के तहत मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में श्री गुप्ता ने बताया कि पूर्व में की गई शिकायत, जिसका आईजीआरएस संख्या 40019426067802 है, पर नगर पालिका अध्यक्ष एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। शिकायत के अनुसार, 14 अगस्त को आयोजित बोर्ड बैठक में उन्होंने नगर पालिका अधिनियम की धारा 52 और 63 के तहत नाला सफाई, संविदा कर्मचारियों तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कार्य और उनके नियुक्ति स्थलों का विवरण मांगा था। आरोप है कि संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय उनके अनुरोध को मनमाने तरीके से खारिज कर दिया गया।

श्यामजी गुप्ता का कहना है कि बोर्ड बैठक में उपजिलाधिकारी शाहगंज के हस्तक्षेप के बाद संबंधित अधिकारियों ने अगले कार्यदिवस पर जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, बावजूद इसके कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी मांगा गया विवरण उन्हें नहीं मिला। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधि के अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि निर्वाचित एवं नामित जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराना प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

सभासद ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वह नगर पालिका परिषद परिसर में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने और अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने इसके लिए स्थानीय पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है। श्यामजी गुप्ता ने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी और अधिशासी अधिकारी को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने मांगी गई जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने तथा शिकायत पर कथित रूप से भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कर उचित दंडात्मक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।
