उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दीपावली के विज्ञापन को लेकर हुए विवाद में हिंदी दैनिक के पत्रकार नसीम अहमद की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि जरौठी रोड स्थित एक फ्लोर मिल पर विज्ञापन मांगने पहुंचे पत्रकार और उनके साथियों के साथ मारपीट की गई। गंभीर हालत में नसीम अहमद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पत्रकारों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

घटना के चश्मदीद सलाउद्दीन के मुताबिक, नसीम अहमद अपने साथियों के साथ दीपावली के अवसर पर अखबार के लिए विज्ञापन लेने फ्लोर मिल पहुंचे थे। आरोप है कि व्यापारी ने विज्ञापन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जब वे लोग वहां से लौटने लगे तो उन्हें कथित तौर पर फर्जी पत्रकार बताकर रोक लिया गया। सलाउद्दीन का दावा है कि इसके बाद कई लोगों ने नसीम अहमद और उनके साथ मौजूद लोगों के साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि उनके साथ भी बुरी तरह मारपीट की गई। इस घटना में नसीम अहमद की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि नसीम अहमद एक फ्लोर मिल पर अखबार के लिए विज्ञापन लेने गए थे। वहां उनके साथ मारपीट होने की जानकारी मिली है। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटा रही है। घटना के समय मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

मृतक के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर हापुड़ देहात थाने में चार नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरु की है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौत के सटीक कारणों के संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी।

घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन जुटाने के दौरान होने वाले विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि विज्ञापन संबंधी विवाद के दौरान पत्रकारों को रोककर उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप सही पाया जाता है, तो यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला होगा।
फिलहाल सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा। अब लोगों की निगाहें पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
