सास की हत्या के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने अभियुक्त दामाद शौकत खान को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 304(2) के तहत सात वर्ष तथा धारा 323 के तहत छह माह के कारावास से दंडित किया है।

मामला दिलदारनगर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बिहार के कैमूर जिले के अखनी गांव निवासी शौकत खान एक अक्टूबर 2021 को अपनी पत्नी राजदा खातून को विदा कराने के लिए ससुराल दिलदारनगर पहुंचा था। शाम करीब पांच बजे खजुरी चट्टी के पास उसकी मुलाकात अपनी सास आशमा खातून से हुई।बताया गया कि आशमा खातून ने अपने दामाद को समझाते हुए कहा कि वह बार-बार तलाक देने की बात करता है, इसलिए वह फिलहाल अपनी बेटी की विदाई नहीं करेंगी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि नाराज शौकत खान ने अपनी वृद्ध सास के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।गंभीर रुप से घायल आशमा खातून को उपचार के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना के संबंध में मृतका की बेटी राजदा खातून ने दो अक्टूबर 2021 को दिलदारनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने कुल आठ गवाहों को परीक्षित कराया। इनमें सरकारी गवाह एवं रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रतन पाल की गवाही जम्मू-कश्मीर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त शौकत खान को दोषसिद्ध पाया। इसके बाद उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 304(2) के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और धारा 323 के तहत छह माह के कारावास की सजा सुनाई गई।
