क्षेत्र के उदयीपुर दीपी गांव निवासी 48 वर्षीय जयप्रकाश पांडेय की मलेशिया में गुरुवार की रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। विदेश से बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में चीख-पुकार मच गई। वृद्ध पिता हरिशंकर पांडेय का रो-रोकर बुरा हाल है। वह घर पहुंचने वाले हर व्यक्ति से बस एक ही गुहार लगा रहे हैं कि किसी तरह उनके बेटे का शव मलेशिया से घर मंगवा दिया जाए, ताकि वह अंतिम बार उसका चेहरा देख सकें।

जयप्रकाश पांडेय मलेशिया की एक कंपनी में नौकरी करते थे। उनके निधन की खबर से मां बैजन्ती देवी और पत्नी किरन गहरे सदमे में हैं। परिजनों के करुण क्रंदन से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। परिवार के लोगों को अब तक इस दुखद घटना पर विश्वास नहीं हो पा रहा है।जयप्रकाश का बड़ा बेटा 25 वर्षीय निशांत भी मलेशिया में ही दूसरी कंपनी में नौकरी करता है। हालांकि, वह अपने पिता से करीब डेढ़ हजार किलोमीटर दूर रहता है। पिता के निधन की खबर से वह भी गहरे सदमे में है।

वहीं, 20 वर्षीय रिया, 18 वर्षीय रिचा और 16 वर्षीय गोविंद का रो-रोकर बुरा हाल है। तीनों बच्चे अभी अविवाहित हैं और पढ़ाई कर रहे हैं। पिता की असमय मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चिंता मलेशिया से जयप्रकाश का शव गांव लाने की है, ताकि पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। वृद्ध पिता की आंखें बेटे के अंतिम दर्शन की आस में नम हैं। घर में पसरा मातम और परिजनों की बेबसी हर किसी को भावुक कर रही है। विदेश में हुई इस दुखद घटना ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। परिजन अब शव को जल्द से जल्द गांव लाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे वे अपने प्रियजन को अंतिम विदाई दे सकें।
