समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्ताधारी पक्ष पर तंज कसते हुए लखनऊ की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर शुक्रवार को साझा किए गए उनके कथित पोस्ट में उन्होंने ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ के इंजन के फेल होने की उपमा देते हुए दिल्ली के नेतृत्व पर लखनऊ की कमान किसी दूसरे को सौंपने का निर्णय लेने की बात कही।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि सत्ताधारी पक्ष की ओर से कोई बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस होने की चर्चा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि ऐसा लगता है कि ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ का इंजन फेल हो गया है, इसलिए दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को थमाने का अंदरूनी फैसला कर लिया है। अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व और दिल्ली-लखनऊ के राजनीतिक समीकरणों पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट में किसी नेता का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।

दरअसल, शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा था। इसके बाद अखिलेश यादव की टिप्पणी सामने आई। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज होते दिखाई दे रहे हैं। अखिलेश यादव के बयान ने भाजपा के भीतर नेतृत्व को लेकर संभावित बदलाव की अटकलों को हवा दी है। अब देखना होगा कि भाजपा इस टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा किस रूप में आगे बढ़ता है।
