राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र के अंधे की चौकी अंतर्गत महिपतमऊ में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की टीम ने कथित तौर पर हेरोइन बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से जिगाना पिस्टल, कारतूस, नकदी, संदिग्ध नशीले पदार्थ, मोबाइल फोन और वाहन बरामद किए गए हैं। बरामद पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 32 करोड़ रुपये होने का दावा किया गया है।

जानकारी के अनुसार, एएनटीएफ की टीम ने एक मकान में छापेमारी कर अमजद और जुहैल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 32 बोर की एक जिगाना पिस्टल, छह कारतूस और 16,170 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा 3.600 किलोग्राम सूखा पाउडर और 2.800 किलोग्राम पिंडी जैसा गीला पदार्थ मिला। दोनों पदार्थों का कुल वजन 6.400 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस टीम ने मौके से एक स्कूटी, एक हुंडई वेन्यू कार और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। बरामद पदार्थ की प्रकृति, शुद्धता और वास्तविक कीमत की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भेजने की कारवाई जारी रही।

गिरफ्तार दोनों आरोपी बी-फार्मा की पढ़ाई कर चुके हैं। आरोप है कि वे गुवाहाटी से हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री लाते थे और लखनऊ में नशीला पदार्थ तैयार कर झारखंड सहित अन्य राज्यों में इसकी आपूर्ति करते थे। उनके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। मिली जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी सुरक्षा के लिए अपने पास लोडेड पिस्टल रखते थे। जिस मकान में कथित तौर पर नशीला पदार्थ तैयार किया जाता था, वहां पिटबुल नस्ल का कुत्ता भी पाला गया था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान कुत्ते को खुला रखा जाता था, ताकि बाहरी लोगों के प्रवेश को रोका जा सके।

लखनऊ में नशीले पदार्थों की कथित अवैध फैक्ट्री का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले दिनों जानकीपुरम क्षेत्र से दिल्ली पुलिस द्वारा एक आरोपी को कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन के साथ पकड़े जाने की खबर चर्चा में रही थी।उस मामले में लखनऊ पुलिस की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि दिल्ली पुलिस एक वांछित आरोपी को पकड़कर ले गई है और स्थानीय स्तर पर हेरोइन बनाने की फैक्ट्री संचालित होने की जानकारी नहीं थी। बाद में दिल्ली पुलिस द्वारा बरामदगी और उपकरणों से संबंधित तस्वीरें जारी किए जाने की बात भी सामने आई थी। दोनों मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। दुबग्गा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद कथित नशीले पदार्थों के निर्माण और अंतरराज्यीय आपूर्ति नेटवर्क को लेकर जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एएनटीएफ की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित सहयोगियों, सामग्री के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सकती है।
