वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत तहसील परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मेवालाल पुष्कर और जिला सचिव विनोद त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेसियों ने उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त भाजपा के एजेंट के रुप में काम कर रहे हैं और मतदाता सूची से करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाकर भाजपा को लाभ पहुंचाया गया है। श्री मिश्रा ने इन आरोपों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें जेल भेजने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए इन मामलों की जांच होनी चाहिए।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगें उठाईं। धरना समाप्त होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।

प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुइथाकला के अध्यक्ष विजय प्रकाश वर्मा, खुटहन ब्लॉक अध्यक्ष विपिन शर्मा, शांति सिंह, अधिवक्ता अजय कुमार यादव, दिनेश कुमार, हौशिल उपाध्याय, रमेश चंद्र, गुलाब चंद, भगेलू, सैयद रुमान हैदर, लालमन, रामकुमार, राधेश्याम विश्वकर्मा, रवीश कुमार तिवारी, शिवकुमारी, सरोजा देवी और विनोद मौर्य सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
