हत्या के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (बालक न्यायालय) उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने किशोर अपचारी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में नामजद तीन वयस्क आरोपियों की सुनवाई अन्य न्यायालय में जारी है।

अभियोजन के अनुसार सुजानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सचिन यादव ने मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया गया कि आशीष कुमार उर्फ पंडा के परिवार से जमीन को लेकर उनके परिवार की पुरानी रंजिश चल रही थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 28 दिसंबर 2022 को दोपहर करीब एक बजे वादी के चाचा राम आसरे चेती तिराहे पर हरिश्चंद्र यादव की चाय की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान बृजेश कुमार, आशीष कुमार, एक किशोर अपचारी और पंकज मिश्रा वहां पहुंचे। आरोप है कि बृजेश कुमार, पंकज मिश्रा और किशोर अपचारी के ललकारने पर आशीष कुमार ने असलहे से राम आसरे के सिर में गोली मार दी। गोली लगने से राम आसरे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि किशोर अपचारी को पकड़ लिया गया।

पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय और कमलेश राय की ओर से प्रस्तुत गवाहों के बयान तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अदालत ने परीक्षण किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने किशोर अपचारी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में तीन अन्य वयस्क आरोपियों के विरुद्ध सुनवाई अन्य न्यायालय में जारी है।
