राज्यसभा प्रत्याशी विद्यासागर सोनकर पर जमीन कब्जाने का आरोप, पीड़ित पक्ष ने उठाए सवाल

ओमप्रकाश जायसवाल के परिवार ने लगाया पांच बिस्वा जमीन पर कब्जे का आरोप, मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का दावा

Akhlaque Khan
Akhlaque Khan Published on : October 6, 2026 9:29 am
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भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व सांसद, पूर्व एमएलसी विद्यासागर सोनकर को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनसे जुड़ा एक पुराना जमीन विवाद भी चर्चा में आ गया है। एक पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि विद्यासागर सोनकर ने उनके घर के पीछे स्थित करीब पांच बिस्वा जमीन पर कब्जा कर लिया, जबकि जमीन के भुगतान और स्वामित्व को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। आरोप लगाने वाले पक्ष के अनुसार, यह जमीन दैनिक मान्यवर अखबार के संपादक रहे ओमप्रकाश जायसवाल से संबंधित थी।

आरोप है कि जमीन के संबंध में संबंधित पक्ष को निर्धारित धनराशि का भुगतान किए जाने के बावजूद बाद में जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इस मामले को लेकर विवाद बढ़ने पर न्यायालय में मुकदमा भी चलने का दावा किया गया है। आरोप के मुताबिक, जमीन विवाद के दौरान ओमप्रकाश जायसवाल के पुत्र का निधन हो गया। इसके बाद कोरोना काल में ओमप्रकाश जायसवाल का भी निधन हो गया। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि दोनों की मृत्यु के बाद भी जमीन से संबंधित विवाद समाप्त नहीं हुआ और विद्यासागर सोनकर पर जमीन पर कब्जा बनाए रखने का आरोप है। भाजपा ने पांच अक्टूबर को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए विद्यासागर सोनकर समेत आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे। सोनकर पूर्व सांसद और पूर्व विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं तथा लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं।

इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच जमीन विवाद से जुड़े आरोपों को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब किसी व्यक्ति से जुड़ा संपत्ति विवाद न्यायालय में विचाराधीन हो, तो उसके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, जमीन पर कब्जे और भुगतान से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर समाचार एक्सप्रेस लाइव नहीं करता।संबंधित न्यायालय के आदेश, मुकदमे की संख्या अथवा विद्यासागर सोनकर या उनके प्रतिनिधि का पक्ष सामने आने पर खबर में उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। भाजपा द्वारा घोषित सूची में विद्यासागर सोनकर का नाम शामिल है और छह अक्टूबर को पार्टी के सभी आठ प्रत्याशियों ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।

साभारभारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व सांसद, पूर्व एमएलसी विद्यासागर सोनकर को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनसे जुड़ा एक पुराना जमीन विवाद भी चर्चा में आ गया है। एक पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि विद्यासागर सोनकर ने उनके घर के पीछे स्थित करीब पांच बिस्वा जमीन पर कब्जा कर लिया, जबकि जमीन के भुगतान और स्वामित्व को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। आरोप लगाने वाले पक्ष के अनुसार, यह जमीन दैनिक मान्यवर अखबार के संपादक रहे ओमप्रकाश जायसवाल से संबंधित थी। आरोप है कि जमीन के संबंध में संबंधित पक्ष को निर्धारित धनराशि का भुगतान किए जाने के बावजूद बाद में जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इस मामले को लेकर विवाद बढ़ने पर न्यायालय में मुकदमा भी चलने का दावा किया गया है। आरोप के मुताबिक, जमीन विवाद के दौरान ओमप्रकाश जायसवाल के पुत्र का निधन हो गया। इसके बाद कोरोना काल में ओमप्रकाश जायसवाल का भी निधन हो गया। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि दोनों की मृत्यु के बाद भी जमीन से संबंधित विवाद समाप्त नहीं हुआ और विद्यासागर सोनकर पर जमीन पर कब्जा बनाए रखने का आरोप है। भाजपा ने पांच अक्टूबर को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए विद्यासागर सोनकर समेत आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे। सोनकर पूर्व सांसद और पूर्व विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं तथा लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं।इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच जमीन विवाद से जुड़े आरोपों को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब किसी व्यक्ति से जुड़ा संपत्ति विवाद न्यायालय में विचाराधीन हो, तो उसके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, जमीन पर कब्जे और भुगतान से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर समाचार एक्सप्रेस लाइव नहीं करता।संबंधित न्यायालय के आदेश, मुकदमे की संख्या अथवा विद्यासागर सोनकर या उनके प्रतिनिधि का पक्ष सामने आने पर खबर में उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। भाजपा द्वारा घोषित सूची में विद्यासागर सोनकर का नाम शामिल है और छह अक्टूबर को पार्टी के सभी आठ प्रत्याशियों ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।

खबर: साभार फूलचंद यादव, जिला प्रतिनिधि दैनिक मान्यवर – जौनपुर

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