उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समाधान को लेकर आंदोलन का ऐलान कर दिया। संघ ने शासन एवं राजस्व परिषद से लगातार अनुरोध के बावजूद अपेक्षित सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने का हवाला देते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इस संबंध में संघ की ओर से उपजिलाधिकारी शाहगंज को लिखित सूचना दी गई है।

संघ के मंत्री विवेक सिंह की ओर से जारी पत्र के मुताबिक आंदोलन की शुरुआत 3 अक्टूबर से होगी। इस दिन तहसील के समस्त लेखपाल संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करेंगे। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा इसके बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
8 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से लेखपाल सभी प्रकार के प्रशासनिक कार्यों, जैसे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत, फार्म रजिस्ट्री आदि कार्यों का बहिष्कार करेंगे।

10 अक्टूबर को तहसील समाधान दिवस के अवसर पर लेखपाल काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे, जबकि 12 अक्टूबर को तहसील व जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 14 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे जिला मुख्यालय पर बाइक रैली निकाली जाएगी और ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने 17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर सभी कार्यों का बहिष्कार करते हुए प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

वहीं, आंदोलन के अंतिम चरण में 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरु करने की चेतावनी दी है। लेखपाल संघ ने कहा है कि यह आंदोलन प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए किया जा रहा है।
