अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तेजीबाजार पुलिस को शुक्रवार की देर रात बड़ी सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, मखदूमपुर तिराहे के पास हुई मुठभेड़ में एक कथित गौ-तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। मौके से चार गौवंश, अवैध तमंचा-कारतूस, गौ-तस्करी में प्रयुक्त पिकअप और मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान बरामद किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देशन में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 2 अक्टूबर की रात तेजीबाजार पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग पिकअप में गौवंश लादकर हैदरपुर की ओर से जौनपुर की तरफ जा रहे हैं। सूचना पर थानाध्यक्ष सत्येंद्र भाई पटेल पुलिस टीम के साथ तिराहे के पास घेराबंदी कर वाहनों की निगरानी करने लगे। कुछ देर बाद हैदरपुर की तरफ से बिना नंबर की एक सफेद पिकअप और उसके पीछे सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो पिकअप चालक ने वाहन को पूरामोहब्बत गांव की ओर मोड़ दिया। इस दौरान पिकअप असंतुलित होकर सड़क किनारे गड्ढे में फंस गई।

पुलिस का दावा है कि टीम के करीब पहुंचने पर मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे एक व्यक्ति ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर गिर पड़ा। वहीं, अंधेरे का फायदा उठाकर उसके अन्य साथी फरार हो गए। घायल आरोपी की पहचान छोटू (22)पुत्र सर्फुद्दीन निवासी ग्राम रेवसा, थाना अलीनगर, जनपद चंदौली के रुप में हुई। पुलिस ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस के अनुसार मौके से एक देसी तमंचा 315 बोर, एक खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस बरामद हुआ। इसके अलावा चार गौवंश (एक गाय और तीन साड़) को मुक्त कराया गया। जिसे रस्सी से मुंह और पैर बांधकर रखा गया था।

मौके से बिना नंबर की एक सफेद पिकअप, एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक की-पैड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। गिरफ्तार छोटू के खिलाफ वर्तमान मुकदमे के अलावा चंदौली जनपद के चंदौली और सैयदराजा थानों में भी गौवंश से संबंधित मामले दर्ज हैं। तेजीबाजार थाने में आरोपी के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष सत्येंद्र भाई पटेल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शान मोहम्मद खान, उपनिरीक्षक राम बिहारी तथा तेजीबाजार थाने के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
