सरकारी योजनाओं के लिए जारी धनराशि को कथित तौर पर फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रकम हड़पने के 14 साल पुराने मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मामले में शामिल बताए जा रहे बिचौलिये जोगेंद्र प्रसाद उर्फ योगेंद्र प्रसाद को जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी पर तत्कालीन बैंक मैनेजर और कैशियर के साथ मिलकर सरकारी योजनाओं की धनराशि को कथित रुप से फर्जी बैंक खातों में स्थानांतरित कराने और उसे हड़पने में भूमिका निभाने का आरोप है। मामला वर्ष 2012-13 के दौरान संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ा बताया जा रहा है। इनमें क्रेडिट कार्ड योजना, सड़क परिवहन ऋण योजना, ग्रामीण आवास ऋण योजना और सौर ऊर्जा उपकरण योजना शामिल हैं। आरोप है कि इन योजनाओं के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि को लाभार्थियों तक पहुंचाने के बजाय फर्जी बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया।

प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन द्वारा की जा रही थी। जांच के दौरान तत्कालीन बैंक मैनेजर और कैशियर के साथ जोगेंद्र प्रसाद की भूमिका सामने आने के बाद EOW ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरु की। इसी क्रम में टीम ने जौनपुर पहुंचकर लाइन बाजार थाना क्षेत्र से जोगेंद्र प्रसाद उर्फ योगेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर और कैशियर की भूमिका की भी जांच एवं कार्रवाई की जा रही है।करीब 14 वर्ष पुराने इस आर्थिक अनियमितता के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद EOW की कार्रवाई से सरकारी योजनाओं की धनराशि में कथित हेराफेरी से जुड़े अन्य पहलुओं के भी सामने आने की संभावना है।
