उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) भर्ती-2025 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने भर्ती के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय व 44 अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में 44 से अधिक याचिकाएं लंबित बताई गई हैं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी। इसके बाद 7 मई को लिखित परीक्षा का परिणाम जारी करते समय फाइनल आंसर-की जारी की गई, जिसमें कई प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक प्रश्न 2.5 अंक का था। ऐसे में उत्तर बदलने से कई अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों पर असर पड़ा और कुछ अभ्यर्थी मामूली अंकों के अंतर से अगले चरण के लिए चयनित नहीं हो सके।याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि कुछ अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के बाद अगली प्रक्रिया के लिए सफल हुए थे, लेकिन 14 जुलाई को जारी अंतिम परिणाम में वे एक-दो नंबर के अंतर से चयन से बाहर हो गए।

अभ्यर्थियों ने फाइनल आंसर-की में बदले गए प्रश्नों और उनके उत्तरों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनका आरोप है कि भर्ती बोर्ड ने इन आपत्तियों पर अपेक्षित रुप से विचार नहीं किया। इसके बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। यूपी पुलिस उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। भर्ती के लिए 15,75,706 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो पालियों में आयोजित हुई, जिसमें करीब 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए।लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को घोषित किया गया था, जिसमें 12,733 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद 14 जुलाई को अंतिम परिणाम जारी किया गया। नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारियों के बीच हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से फिलहाल प्रक्रिया रुक गई है।

मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। फिलहाल कोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक रहेगी। आगे की स्थिति हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई और उसके आदेश पर निर्भर करेगी।
